ESSAY ON IMPACT OF COVID-19(CORONA VIRUS) ON EDUCATION IN INDIA IN HINDI | भारत में शिक्षा पर COVID-19 (CORONA VIRUS) के प्रभाव पर निबंध

आज हम इस पोस्ट में ESSAY ON IMPACT OF COVID-19 (CORONA VIRUS) ON EDUCATION IN INDIA IN HINDI | भारत में शिक्षा पर COVID-19 के प्रभाव पर निबंध के बारे में बात करेंगे | यहां तीन निबंध दिए जा रहे हैं उसी विषय पर, पहला निबंध लगभग 150-200 शब्दों का होगा, दूसरा निबंध लगभग 350-400 शब्दों का होगा और तीसरा निबंध लगभग 900-1000 शब्दों का होगा | यहां दिए गए निबंध क्लास 1 से लेकर क्लास 12 तक के बच्चों के लिए उपयोगी है साथ ही साथ उन छात्रों के लिए भी जो विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे UPSC, IAS, SSC, UPPCS, NDA, CDS, CAPF, TET इत्यादि की तैयारी कर रहे हैं |

150-200 शब्दों में ESSAY ON IMPACT OF COVID-19 (CORONA VIRUS) ON EDUCATION IN INDIA IN HINDI | भारत में शिक्षा पर COVID-19 (CORONA VIRUS) के प्रभाव पर निबंध

कोरोना ने हर क्षेत्र अथवा हर चीज जिसकी हम कल्पना कर सकते हैं को प्रभावित किया है |  कोविड-19 ने शिक्षा के क्षेत्र पर कई प्रकार से अपना प्रभाव दिखाया है| 

स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए | स्कूल और कॉलेजों द्वारा ऑनलाइन  प्लेटफार्म  जैसे यूट्यूब वीडियो, मोबाइल ऐप, वेबीनार, इत्यादि का उपयोग करके शिक्षा देने का प्रयास किया गया | विद्यार्थियों को अगली कक्षा में बिना किसी परीक्षा के प्रोन्नत (promote) करना पड़ा और विद्यार्थियों को पिछली कक्षाओं में मिले नंबर के आधार पर नंबर दिए गए | इससे विद्यार्थियों की शिक्षा गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा और साथ ही साथ इसका बच्चों के भविष्य पर बुरा असर पड़ेगा |

कोरोना ने समाज के कमजोर वर्ग के छात्रों, ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों और विकलांगों की शिक्षा पर बहुत बुरा असर डाला है | समाज के कमजोर वर्ग के और ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के पास ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त करने के साधन जैसे लैपटॉप, टेबलेट, स्मार्टफोन, हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्शन इत्यादि उपलब्ध नहीं है | 

कोरोना काल में सरकारी प्राथमिक विद्यालय पूरी तरीके से बंद हैं जिसके कारण वहां पर मिड डे मील की कोई व्यवस्था नहीं है | जिससे कोरोना काल में बच्चों को ना तो शिक्षा मिल पा रही है ना ही पौष्टिक भोजन |

अतः सरकार को जल्दी से जल्दी बच्चों को कोविड-19 की वैक्सीन लगवा कर जल्द से जल्द स्कूल खोलने चाहिए |

350-400 शब्दों में ESSAY ON IMPACT OF COVID-19 (CORONA VIRUS) ON EDUCATION IN INDIA IN HINDI | भारत में शिक्षा पर COVID-19 (CORONA VIRUS) के प्रभाव पर निबंध

कोरोना ने हर क्षेत्र अथवा हर चीज जिसकी हम कल्पना कर सकते हैं को प्रभावित किया है | कोविड -19 महामारी ने सभी क्षेत्र में अभूतपूर्व उथल-पुथल मचा दी है, जिसमें शिक्षा क्षेत्र कोई अपवाद नहीं है।

कोरोना काल में सभी स्कूल, कॉलेज, कोचिंग,विश्वविद्यालय आदि बंद कर दी गई, क्योंकि विद्यार्थियों के जीवन की सुरक्षा उनकी शिक्षा से ज्यादा महत्वपूर्ण थी | स्कूल और कॉलेजों द्वारा ऑनलाइन  प्लेटफार्म  जैसे यूट्यूब वीडियो, मोबाइल ऐप, वेबीनार, इत्यादि का उपयोग करके शिक्षा देने का प्रयास किया गया |

यदि हम कोविड-19 के असर की शिक्षा पर बात करें तो इसने शिक्षा क्षेत्र को बहुत ही नकारात्मक तरीके से प्रभावित किया है | इस कोरोना काल में बहुत सारे शिक्षकों ने अपनी नौकरी गँवाई |  विद्यार्थियों को अगली कक्षा में बिना किसी परीक्षा के प्रोन्नत (promote) करना पड़ा और विद्यार्थियों को पिछली कक्षाओं में मिले नंबर के आधार पर नंबर दिए गए | 

कोरोना ने समाज के कमजोर वर्ग के छात्रों, ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों और विकलांगों की शिक्षा पर बहुत बुरा असर डाला है | समाज के कमजोर वर्ग के और ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के पास ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त करने के साधन जैसे लैपटॉप, टेबलेट, स्मार्टफोन, हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्शन इत्यादि उपलब्ध नहीं है | 

कोरोना काल में सरकारी प्राथमिक विद्यालय पूरी तरीके से बंद हैं जिसके कारण वहां पर मिड डे मील की कोई व्यवस्था नहीं है | मिड डे मील के कारण बहुत से बच्चे स्कूल आते थे जिससे उन्हें शिक्षा तो प्राप्त होती ही थी साथ ही साथ स्कूल में पौष्टिक भोजन भी मिलता था | कोरोना काल में बच्चों को ना तो शिक्षा मिल पा रही है ना ही पौष्टिक भोजन | 

ऑनलाइन शिक्षा विभिन्न पृष्ठभूमि और संस्कृतियों के छोटे बच्चों को एक साथ लाकर उन पारस्परिक संपर्क (interpersonal interaction) की नकल नहीं कर सकता है जो स्कूल सुविधा प्रदान करते हैं। अतः कोरोना काल में बच्चों का समग्र व्यक्तित्व विकास(overall personality development), पारस्परिक संपर्क (interpersonal interaction) और समाजीकरण (socialisation) नकारात्मक तरीके से प्रभावित हुआ है |

हालांकि कोरोना ने शिक्षा पर ज्यादातर नकारात्मक प्रभाव ही छोड़े हैं, लेकिन इक्के दुक्के हम सकारात्मक प्रभाव भी देख सकते हैं | कोरोना काल में महसूस किया गया कि डिजिटल शिक्षा के माध्यम से समाज के सभी वर्गों के छात्रों को सस्ती और अच्छी शिक्षा पहुंचाई जा सकती है | 

अतः सरकार को जल्दी से जल्दी बच्चों को कोविड-19 की वैक्सीन लगवा कर जल्द से जल्द स्कूल खोलने चाहिए ताकि स्कूलों में गुणवत्ता परक शिक्षा प्राप्त हो सके | यह भी कोशिश करनी चाहिए कि ऑनलाइन शिक्षा समाज के कमजोर वर्ग और ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों के पहुंच से बाहर ना हो |

900-1000 शब्दों में ESSAY ON IMPACT OF COVID-19 (CORONA VIRUS) ON EDUCATION IN INDIA IN HINDI | भारत में शिक्षा पर COVID-19 (CORONA VIRUS) के प्रभाव पर निबंध

कोविड -19 महामारी ने हमारे सामने ऐसा समय ला दिया जिसकी हमने कभी कल्पना भी नहीं की थी | इसने हर इंसान की जिंदगी में अपना असर दिखाया है, और ज्यादातर लोगों के जिंदगी में नकारात्मक तरीके से | कोरोना ने हर क्षेत्र अथवा हर चीज जिसकी हम कल्पना कर सकते हैं को प्रभावित किया है | कोविड -19 महामारी ने सभी क्षेत्र में अभूतपूर्व उथल-पुथल मचा दी है, जिसमें शिक्षा क्षेत्र कोई अपवाद नहीं है।

कोविड-19 ने कई तरह से शिक्षा के क्षेत्र में अपना असर दिखाया | कोरोना काल में सभी स्कूल, कॉलेज, कोचिंग,विश्वविद्यालय आदि बंद कर दी गई, क्योंकि विद्यार्थियों के जीवन की सुरक्षा उनकी शिक्षा से ज्यादा महत्वपूर्ण थी | इसी कारण घर से ऑनलाइन पढ़ाई पर ज्यादा जोर दिया गया | स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग, विश्वविद्यालयों, इत्यादि के द्वारा विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा देने के लिए कई तरह के उपाय किए गए | इन संस्थाओं द्वारा कई तरह के ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जैसे यूट्यूब वीडियो, मोबाइल ऐप, ऑनलाइन वेबसाइट, वेबीनार, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ऐप इत्यादि का उपयोग कर ऑनलाइन शिक्षा देने का प्रयास किया | इन संस्थाओं द्वारा कई तरह के ऑनलाइन लर्निंग कोर्सेज अथवा ऑनलाइन लर्निंग एप लांच किए गए | इस तरह शिक्षा देने का एक नया तरीका लोगों के सामने आया |  

यदि हम कोविड-19 के असर की शिक्षा पर बात करें तो इसने शिक्षा क्षेत्र को बहुत ही नकारात्मक तरीके से प्रभावित किया है | इसने शैक्षिक कैलेंडर को अस्त व्यस्त कर दिया | इस कोरोना काल में बहुत सारे शिक्षकों ने अपनी नौकरी गँवाई अथवा कईयों की सैलरी आधी कर दी गई या रोक दी गई |  विद्यार्थियों को अगली कक्षा में बिना किसी परीक्षा के प्रोन्नत (promote) करना पड़ा और विद्यार्थियों को पिछली कक्षाओं में मिले नंबर के आधार पर नंबर दिए गए | इससे विद्यार्थियों की शिक्षा गुणवत्ता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा और साथ ही साथ इसका बच्चों के भविष्य पर बुरा असर पड़ेगा | अतः इस कारण कोरोना काल में हमारा मानव संसाधन (Human Resource) बहुत बुरी तरह से प्रभावित हुआ | 

कोरोना ने समाज के कमजोर वर्ग के छात्रों, ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों और विकलांगों की शिक्षा पर बहुत बुरा असर डाला है | समाज के कमजोर वर्ग के छात्र और ग्रामीण क्षेत्र के छात्र जिन स्कूलों में पढ़ते थे उन स्कूलों द्वारा ऑनलाइन शिक्षा की कोई व्यवस्था नहीं की गई | ऑनलाइन शिक्षा की व्यवस्था बस कुछ गिने-चुने महंगे प्राइवेट विद्यालयों द्वारा की गई, जोकि समाज के हर तबके का छात्र अफोर्ड नहीं कर सकता था | समाज के कमजोर वर्ग के और ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों के पास ऑनलाइन शिक्षा प्राप्त करने के साधन जैसे लैपटॉप, टेबलेट, स्मार्टफोन, हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्शन इत्यादि उपलब्ध नहीं है | 

कोरोना काल में सरकारी प्राथमिक विद्यालय पूरी तरीके से बंद हैं जिसके कारण वहां पर मिड डे मील की कोई व्यवस्था नहीं है | मिड डे मील के कारण बहुत से बच्चे स्कूल आते थे जिससे उन्हें शिक्षा तो प्राप्त होती ही थी साथ ही साथ स्कूल में पौष्टिक भोजन भी मिलता था | कोरोना काल में बच्चों को ना तो शिक्षा मिल पा रही है ना ही पौष्टिक भोजन | इस कारण सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में स्कूल छोड़ने की दर(dropout rate) बढ़ सकती है और साथ ही साथ बच्चों में कुपोषण (malnutrition) भी बढ़ सकता है | छोड़ने की दर (dropout rate) विशेषकर लड़कियों में ज्यादा हो सकती है, जिससे भविष्य में लैंगिक असमानता बढ़ सकती है और साथ ही साथ बाल विवाह भी बढ़ सकता है | अतः कोरोना काल में सरकारी प्राथमिक विद्यालय के बंद होने के कारण समाज के कमजोर वर्ग के बच्चों की शिक्षा पर बहुत बुरा असर पड़ा है |

ऑनलाइन शिक्षा, ऑफलाइन शिक्षा के पूरक (supplement) के रूप में काम कर सकती है लेकिन ऑनलाइन शिक्षा, ऑफलाइन शिक्षा का स्थान नहीं ले सकती | स्कूल में जब विभिन्न पृष्ठभूमि और संस्कृति के बच्चे आते हैं और एक साथ बैठते हैं, उठते हैं और पढ़ते हैं तो वे कई तरह की चीजें सीखते हैं उनमें पारस्परिक संपर्क (interpersonal interaction) होता है जिससे उनका समाजीकरण (socialisation) होता है | उनकी समाज के बारे में एक और अच्छी समझ उत्पन्न होती है जो डिजिटल माध्यम की शिक्षा से नहीं संभव है | बच्चों का समग्र व्यक्तित्व विकास (overall personality development) तभी हो पाता है जब वह अपनी उम्र के बच्चों के साथ संपर्क (interaction) करते हैं |  ऑनलाइन शिक्षा विभिन्न पृष्ठभूमि और संस्कृतियों के छोटे बच्चों को एक साथ लाकर उन पारस्परिक संपर्क (interpersonal interaction) की नकल नहीं कर सकता है जो स्कूल सुविधा प्रदान करते हैं। अतः कोरोना काल में बच्चों का समग्र व्यक्तित्व विकास(overall personality development), पारस्परिक संपर्क (interpersonal interaction) और समाजीकरण (socialisation) नकारात्मक तरीके से प्रभावित हुआ है |

हालांकि कोरोना ने शिक्षा पर ज्यादातर नकारात्मक प्रभाव ही छोड़े हैं, लेकिन इक्के दुक्के हम सकारात्मक प्रभाव भी देख सकते हैं | कोरोना काल में महसूस किया गया कि डिजिटल शिक्षा के माध्यम से समाज के सभी वर्गों के छात्रों को सस्ती और अच्छी शिक्षा पहुंचाई जा सकती है | ऑनलाइन शिक्षा ने टीचरों को और ज्यादा रचनात्मक (creative) बनाया | ऑनलाइन साधनों का उपयोग करके किसी भी विषय को बच्चों को और अच्छे से समझाया जा सकता है | इसके अलावा, कोविड-19 के समय में डिजिटल लिटरेसी भी बढ़ी |

गुणवत्ता परक शिक्षा किसी भी व्यक्ति के लिए बहुत ही अति आवश्यक होती है, क्योंकि  गुणवत्ता परक शिक्षा किसी भी व्यक्ति को एक अच्छा इंसान और अच्छा नागरिक बनाती है | कोविड-19 के काल में हमारे बच्चों को गुणवत्ता परक शिक्षा प्राप्त करने में दिक्कत हो रही है | अतः सरकार को जल्दी से जल्दी बच्चों को कोविड-19 की वैक्सीन लगवा कर जल्द से जल्द स्कूल खोलने चाहिए ताकि स्कूलों में गुणवत्ता परक शिक्षा प्राप्त हो सके | यह भी कोशिश करनी चाहिए कि ऑनलाइन शिक्षा समाज के कमजोर वर्ग और ग्रामीण क्षेत्र के छात्रों के पहुंच से बाहर ना हो |

हमें उम्मीद है ESSAY ON IMPACT OF COVID-19(CORONA VIRUS) ON EDUCATION IN INDIA IN HINDI | भारत में शिक्षा पर COVID-19 (CORONA VIRUS) के प्रभाव पर यह निबंध आप लोगों के लिए उपयोगी साबित होगा और आप लोगों को पसंद आया होगा |

1 thought on “ESSAY ON IMPACT OF COVID-19(CORONA VIRUS) ON EDUCATION IN INDIA IN HINDI | भारत में शिक्षा पर COVID-19 (CORONA VIRUS) के प्रभाव पर निबंध”

  1. Manisha raj says:

    Thankyou very much it will be very helpful for me.

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